Monday, December 31, 2018

कादर ख़ान नहीं रहे, कनाडा में ली अंतिम साँस

हिंदी सिनेमा के मशहूर अभिनेता कादर ख़ान का कनाडा के एक अस्पताल में निधन हो गया है. उनके बेटे सरफ़राज़ ख़ान ने उनकी मौत की पुष्टि की है.

साल 1973 में राजेश खन्ना की फ़िल्म दाग़ से बॉलीवुड में कदम रखने वाले कादर ख़ान ने 300 से ज़्यादा फ़िल्मों में काम किया. 

क़ब्रिस्तान से एक्टिंग का सफ़र
वो रात का वक़्त होता, बॉम्बे में घर के पास के यहूदी क्रबिस्तान में हर ओर अंधेरा और सन्नाटा. और एक बच्चा वहाँ बैठकर संवाद अदायगी का रियाज़ करता रहता...

एक रात यूँ ही रियाज़ जारी थी कि एक टॉर्च लाइट की रोशनी हुई और किसी ने पूछा कब्रिस्तान में क्या कर रहे हो?

बच्चा बोला मैं दिन में जो भी अच्छा पढ़ता हूँ रात में यहाँ आकर बोलता हूँ और रियाज़ करता हूँ. अशरफ़ ख़ान नाम के वो सज्जन फ़िल्मों में काम करते थे. उन्होंने पूछा नाटक में काम करोगे?

वो बच्चा था कादर ख़ान और वहां से शुरू हुआ उनका वो सफ़र जो दशकों तक फ़िल्मों में जारी रहा.

जब कादर ख़ान ने बाद में 1977 में मुक्क़दर का सिकंदर लिखी तो इसमें एक अहम सीन है जहाँ बचपन में अमिताभ बच्चन रात को क़ब्रिस्तान में माँ के मरने पर रो रहा है.

वहाँ से गुज़र रहा एक फ़कीर (कादर ख़ान) उस बच्चे से कहता है, "इस फ़कीर की एक बात याद रखना. ज़िंदगी का सही लुत्फ उठाना है तो मौत से खेलो, सुख तो बेवफ़ा है चंद दिनों के लिए आता है और चला जाता है दुख तो अपना साथी है, अपने साथ रहता है, पोंछ दे आँसू. दुख को अपना ले. तक़दीर तेरे क़दमों में होगी और तू मुक्क़दर का बादशाह होगा

कादर ख़ान ने 70 के दशक से डायलॉग लिखने से लेकर फ़िल्मों में एक्टिंग तक में ख़ूब नाम कमाया.

ख़ून पसीना, लवारिस, परवरिश, अमर अकबर एंथनी, नसीब, कुली- इन फ़िल्मों में पटकथा या डायलॉग लिखने वाले कादर ख़ान ने अमिताभ बच्चन के करियर को संवारने में बड़ा रोल निभाया.

हालांकि उनकी शुरुआती ज़िंदगी काफ़ी संघर्ष भरी रही.

कई इंटरव्यू में कादर ख़ान बता चुके हैं कि अफ़ग़ानिस्तान में उनके जन्म से पहले उनके तीन भाइयों की मौत हो चुकी थी जिसके बाद उनके माँ-बाप ने अफ़ग़ानिस्तान छोड़ भारत आने का फ़ैसला किया.

जल्द ही माँ-बाप का तलाक़ हो गया और सौतेले पिता के साथ बचपन बहुत ग़रीबी में निकला. बावजूद इसके उन्होंने सिविल इंजीनियरिंग का डिप्लोमा किया और मुंबई के कॉलेज में बच्चों को पढ़ाने लगे.

कॉलेज में एक बार नाटक प्रतियोगिता थी जहाँ नरेंदर बेदी और कामिनी कौशल जज थे. कादर ख़ान को बेस्ट एक्टर-लेखक का इनाम मिला और साथ ही एक फ़िल्म के लिए संवाद लिखने का मौक़ा भी मिला. पगार थी 1500 रुपए.

फ़िल्म थी 1972 में आई जवानी-दीवानी जो हिट हो गई और रफ़ूचक्कर जैसी फ़िल्में उन्हें मिलने लगी.

मनमोहन देसाई ने सोने की ब्रेसेलट उतार कर दी...
लेकिन कादर ख़ान की ज़िंदगी में बड़ा मोड़ तब आया जब 1974 में मनमोहन देसाई और राजेश खन्ना के साथ फ़िल्म रोटी में काम करने का मौक़ा मिला.

मनमोहन देसाई को कादर ख़ान पर ख़ास भरोसा नहीं था. मनमोहन देसाई अकसर कहते, "तुम लोग शायरी तो अच्छी कर लेते हो पर मुझे चाहिए ऐसे डायलॉग जिस पर जनता ताली बजाए."

फिर क्या था, कादर ख़ान संवाद लिखकर लाए और मनमोहन देसाई को कादर ख़ान के डायलॉग इतने पसंद आए कि वो घर के अंदर गए, अपना तोशिबा टीवी, 21000 रुपए और ब्रेसलेट कादर ख़ान को वहीं के वहीं तोहफ़े में दे दिया.

पहली बार कादर ख़ान को डायलॉग लिखने के लिए एक लाख से ज़्यादा की फ़ीस मिली. यहीं से शुरू हुआ मनमोहन देसाई, प्रकाश मेहरा और अमिताभ बच्चन के साथ उनका शानदार सफ़र.

कादर ख़ान की लिखी फ़िल्में और डायलॉग एक के बाद एक हिट होने लगे. अग्निपथ, शराबी, सत्ते पे सत्ता- अमिताभ के लिए एक से बढ़कर एक संवाद कादर ख़ान ने दिए.

Thursday, December 27, 2018

कर्जमाफी का ड्रॉफ्ट तैयार, सरकार आगे बढ़ा सकती है कर्जमाफी के लिए तय की गई तारीख

सरकार ने किसानों की कर्जमाफी का ड्रॉफ्ट तैयार कर लिया है, इसका प्रेजेंटेशन गुरुवार को कमलनाथ कैबिनेट की दूसरी बैठक में अधिकारियों ने दिया। मंत्रालय भवन में हुई कैबिनेट की बैठक में कृषि और सिंचाई के मुद्दे पर चर्चा हुई। कैबिनेट में किसानों को उर्वरक की आपूर्ति और उसमें आ रही दिक्कतों पर भी मंथन हुआ।

वहीं, सरकार कर्जमाफी के लिए तय तारीख 31 मार्च को भी आगे बढ़ाया जा सकता है। इसे बढ़ाकर 31 दिसंबर किया जा सकता है। इससे प्रदेश के लाखों किसानों को फायदा मिलेगा। कैबिनेट की अगली बैठक 5 जनवरी को रखी गई है, जिसमें कर्जमाफी का प्रस्ताव लाया जाएगा। 

दो लाख रुपए तक का कर्ज माफ : कमलनाथ सरकार के फैसले के तहत उन किसानों को कर्जमाफी का फायदा मिलेगा, जिन्होंने राज्य में स्थित सहकारी या राष्ट्रीयकृत बैंकों से शॉर्ट टर्म लोन लिया है। ऐसे किसानों का 31 मार्च 2018 की स्थिति के अनुसार 2 लाख रुपए तक का कर्ज माफ होगा। इसका फायदा राज्य के 21 लाख किसानों को मिल सकता है। वहीं, राज्य सरकार के खजाने पर 15 हजार करोड़ रुपए का भार आ सकता है। वैसे 30 सितंबर 2018 की स्थिति के मुताबिक राज्य के 40 लाख किसानों का 57 हजार करोड़ रुपए का कृषि ऋण बकाया है।

बिजली आपूर्ति में व्यवधान नहीं आना चाहिए : मुख्यमंत्री कमलनाथ ने सिंचाई सुविधाओं के संबंध में भी कई जरूरी दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने रबी की फसल के लिए सिंचाई के महत्व को देखते हुए ट्रांसफार्मर के फेल होने पर उसे बदलने का काम तत्परता से करने के निर्देश दिए। ऊर्जा विभाग की समीक्षा के दौरान बिजली उपभोक्ताओं को पर्याप्त एवं निरंतर बिजली उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। सीएम ने कहा बिजली आपूर्ति में किसी प्रकार का व्यवधान स्वीकार नहीं किया जाएगा। 

बीपी सिंह प्रशस्ति पत्र भेंट किया : मुख्यमंत्री कमलनाथ ने गुरुवार को कैबिनेट की बैठक में मुख्य सचिव बीपी सिंह को प्रशस्तिपत्र भेंट किया। उनकी उत्कृष्ट सेवाओं के लिए कैबिनेट ने सराहना की और उनके सुखद, सुदीर्घ जीवन की कामना की। सिंह की ये अंतिम कैबिनेट बैठक थी। 31 दिसंबर को बीपी सिंह रिटायर हो रहे हैं। 

Tuesday, December 18, 2018

राहुल ने कहा- जब तक देश के हर किसान का कर्ज माफ नहीं होता, हम मोदी को सोने नहीं देंगे

 कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने मंगलवार को कहा कि हम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर दबाव डालकर देश के हर किसान का कर्ज माफ करवाएंगे। उन्होंने संसद भवन परिसर में मीडिया से बातचीत में कहा, ‘‘देखा आप लोगों ने? काम शुरू हो गया है। हमने 10 दिन में कर्ज माफ करने का वादा किया था। मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ में हमारी नई सरकारों को किसानों का कर्ज माफ करने में छह घंटे का वक्त भी नहीं लगा, लेकिन मोदीजी के पास साढ़े चार साल थे। उन्होंने देश के किसानों का एक रुपया भी माफ नहीं किया। जब तक देश के हर किसान का कर्ज माफ नहीं होता, हम मोदीजी को सोने नहीं देंगे। पूरा विपक्ष मिलकर उनसे किसानों का कर्ज माफ करवाकर रहेगा।’’

सज्जन कुमार पर जवाब टाल गए राहुल

राहुल गांधी से 1984 के दंगों में कांग्रेस के पूर्व सांसद सज्जन कुमार को उम्र कैद की सजा सुनाए जाने के दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले के बारे में भी पूछा गया। इस पर राहुल ने कहा, ‘‘मैं इस मुद्दे पर अपना रुख पहले ही साफ कर चुका हूं। यह प्रेस कॉन्फ्रेंस देश के किसानों के बारे में है। यह इस बारे में है कि मोदीजी ने देश के किसानों का एक रुपया भी माफ नहीं किया।’’ सज्जन कुमार ने मंगलवार को ही कांग्रेस की सदस्यता से इस्तीफा दिया है।

राहुल ने कहा- हम किसानों की आवाज प्रधानमंत्री तक पहुंचाएंगे

राहुल ने कहा- मोदीजी दो हिंदुस्तान बनाते हैं। एक हिंदुस्तान 20 लोगों का और एक गरीब लोगों का। हम गरीबों से कहना चाहेंगे कि यह पैसा आपका है। आप देश को खाना देता हो। हम आपकी आ‌वाज नरेंद्र मोदी तक पहुंचाएंगे। मोदीजी ने अमीरों का साढ़े तीन लाख करोड़ का कर्ज माफ किया है। अनिल अंबानी का उन्होंने 45 हजार करोड़ रुपए का कर्ज माफ किया। मोदीजी देश को बताइए कि आपने किसानों का कर्ज माफ क्यों नहीं किया?

मोदीजी ने नहीं किया तो हम कर्ज माफ करेंगे : राहुल

कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि अगर मोदीजी कर्ज माफ नहीं कराएंगे तो हम कराएंगे। इसका तो सवाल ही नहीं उठता कि हम सरकार में आने के बाद लोगों का पैसा नहीं माफ करेंगे। हिंदुस्तान की जनता से चोरी की जा रही है। देश के दुकानदारों से चोरी की गई है। नोटबंदी दुनिया का सबसे बड़ा स्कैम था। इसका मकसद था गरीबों से पैसा छीनो और अपने मित्रों को पैसा बांटो।

कमलनाथ सोमवार को प्रदेश के मुख्यमंत्री बन गए। काम संभालते ही कमलनाथ ने 34 लाख किसानों का 2 लाख रुपए तक का कर्ज माफ करने की घोषणा कर दी। कुल 38 हजार करोड़ रु. का कर्ज माफ होगा।
छत्तीसगढ़ : भूपेश बघेल ने भी सोमवार को मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। इसके बाद उन्होंने राज्य के 16.65 लाख किसानों का 6100 करोड़ रु. का कर्ज माफ करने का फैसला लिया।
राजस्थान : राज्य में 47 लाख किसानों पर 94 हजार करोड़ रुपए का कर्ज है। इसमें 54 हजार करोड़ कॉमर्शियल बैंकों का है। 18 हजार करोड़ सहकारी बैंकों का है।

Tuesday, December 11, 2018

前海基会董事长江丙坤过世,生前见证两岸关系的四大历史时刻

台湾前海基会董事长、经济学者江丙坤,10日晚间病逝于台湾台北市内的马偕医院,享寿85岁。人称“拼命三郎”的他,骤逝让两岸三地的政商界都留下惋惜。

早先在12月8日,江丙坤在台北市内的酒店与友人参加聚餐时,突然间意识不清,随后被送往邻近的马偕医院急救。但是在到院前,江丙坤已经心跳与呼吸街停止,在装上俗称叶克膜的体外膜氧合后,才维持住生命迹象,但在抢救两天后,依旧因为病情持续恶化,家属决定拔管。

海基会在晚间发表声明,现任董事长张小月,对于江丙坤过世深感哀悼,并称他在两岸关系中扮演关键角色。中国国民党则在声明中指出,江丙坤一生为中华民国奉献付出、劳心劳力,达成非常多福国利民的成就,确实是台湾人民的表率。

江丙坤出生于1932年日本统治下的台湾台中州南投,年轻时曾赴日本东京大学攻读博士,擅长农业经济的他,回台湾后从台湾外交部商务专员开始、再来进入经济部一路做到部长、并担任过立法院副院长等职。在两岸三地,江丙坤更在海基会董事长内,做出许多划时代的行动。

1993:台湾经济舵手

回到1974年,在日本工作的江丙坤奉命到中华民国南非大使馆担任商务专员起,一共在南非待了八年,学到不少商贸经验,后来他在自传《拼命三郎》中曾回忆,南非的八年是他最充实的岁月。1982年回到台湾担任国贸局副局长后,几乎每两年就升一次官,并在1989年调任经济部。

台湾当年正处于从戒严走向自由民主的关键时期,江丙坤在台湾从威权体制内走出来的关键时刻,扮演稳定经济的舵手之一。进入90年代后,江丙坤在1993年担任经济部长,协助台湾的国营事业民营化、民营炼油厂与核电厂投资等,慢慢帮助台湾经济转型。

疫情之下,阿桑奇的引渡听证会被推迟至11月举行

  中新网4月27日电 据俄罗斯卫星网报道, 英国首相约 色情性&肛交集合 翰逊在感染新型冠 色情性&肛交集合 状病毒康复两 色情性&肛交集合 周后, 色情性&肛交集合 将回到唐宁街继续 色情性&肛交集合 他的全职 色情性&肛交集合 领导工作。 在首相生病期 色情性&肛交集...